CBSE भौतिकी · कक्षा 9 (गति) एवं कक्षा 11 (समतल में गति)
प्रक्षेप्य गति प्रक्षेपवक्र सिमुलेटर (Projectile Motion)
गुरुत्वाकर्षण (g = 9.8 m/s²) के अधीन परवलयाकार (Parabolic) गति का अन्वेषण करें। प्रक्षेपण कोण θ और प्रारंभिक वेग u बदलकर प्रक्षेपवक्र देखें और 45° पर अधिकतम परास की पुष्टि करें।
2D किनेमेटिक्स प्रक्षेपवक्र लैबलाइव वेक्टर इंजन
g = 9.8 m/s² (पृथ्वी का गुरुत्वीय त्वरण)
प्रक्षेपण कोण (θ):
प्रारंभिक वेग (u):
क्षैतिज परास (Horizontal Range R)63.8 m
अधिकतम ऊंचाई (Max Height H)15.9 m
उड्डयन काल (Time of Flight T)3.61 s
परास:
R = (u² · \sin 2\theta) / gअधिकतम ऊंचाई: H = (u² · \sin² \theta) / 2gसमय: T = (2u · \sin \theta) / gCBSE एवं JEE भौतिकी: मुख्य निष्कर्ष
प्रक्षेप्य वह पिंड है जिसे गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया जाता है। इसकी क्षैतिज गति में नियत वेग ($u_x = u \cos \theta$, $a_x = 0$) होता है, जबकि ऊर्ध्वाधर गति नियत गुरुत्वीय त्वरण ($a_y = -g$) के अधीन होती है।
- 1. अधिकतम परास की शर्त: परास $R$ तब अधिकतम होती है जब $\sin 2\theta = 1 \implies \theta = 45^\circ$। अधिकतम परास Rmax = u² / g होती है।
- 2. पूरक कोण (Complementary Angles): यदि दो कोणों का योग $90^\circ$ हो ($\theta$ तथा $90^\circ - \theta$), तो समान प्रारंभिक वेग के लिए क्षैतिज परास समान होती है।
- 3. उच्चतम बिंदु पर वेग: शीर्ष बिंदु पर ऊर्ध्वाधर वेग $v_y = 0$ होता है, परंतु क्षैतिज वेग $u_x = u \cos \theta$ बना रहता है। इसलिए उच्चतम बिंदु पर गतिज ऊर्जा शून्य नहीं होती!
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