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ओम का नियम परिपथ सिमुलेटर एवं V-I ग्राफ

$V = IR$ को इंटरैक्टिव तरीके से सत्यापित करें। बैटरी वोल्टेज और प्रतिरोधक का मान बदलें, विद्युत धारा की गति देखें और $V$-$I$ ग्राफ की सीधी रेखा (ढाल = प्रतिरोध) का अध्ययन करें।

आभासी परिपथ बेंच (Virtual Circuit Bench)लाइव एनिमेशन
ओमीय चालक सत्यापन लैब
6.0 VA0.60 A10 ΩV
V–I अभिलाक्षणिक वक्र (V-I Curve)V (V)I (A)(0.6A, 6V)
बैटरी विभवांतर (V):
6.0 V
प्रतिरोध (R):
10 Ω
विद्युत धारा (I)0.60 A
विद्युत शक्ति (P = VI)3.60 W
V/I ढाल (Slope = R)10.0 V/A
NCERT ओम का नियम: V = I \times RV-I ग्राफ की ढाल: \Delta V / \Delta I = R

CBSE बोर्ड परीक्षा प्रायोगिक क्रियाकलाप 11.1 (ओम के नियम का सत्यापन)

जॉर्ज साइमन ओम ने 1827 में बताया कि एक धातु के तार में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा उस तार के सिरों के बीच विभवांतर के समानुपाती होती है, बशर्ते कि तार का तापमान नियत रहे।

प्रायोगिक परीक्षा के लिए याद रखने योग्य मुख्य बिंदु

  • 1. अमीटर का संयोजन: परिपथ में सदैव श्रेणीक्रम (Series) में जोड़ा जाता है। इसका प्रतिरोध नगण्य (बहुत कम) होता है।
  • 2. वोल्टमीटर का संयोजन: प्रतिरोधक के सिरों पर पार्श्वक्रम (Parallel) में जोड़ा जाता है। इसका प्रतिरोध अत्यधिक उच्च होता है।
  • 3. V-I ग्राफ की प्रकृति: मूल बिंदु $(0, 0)$ से गुजरने वाली एक सरल रेखा। इस रेखा की ढाल (Slope) तार के प्रतिरोध $R$ को दर्शाती है।
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